*गंभीर मानसिक रोगियों को अब देहरादून की दौड़ नहीं जिला अस्पताल बौराड़ी में शुरू हुई ईसीटी थेरेपी की सुविधा
*जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने निरीक्षण कर उपचार सुविधा का किया शुभारंभ*

*जिला अस्पताल बौराड़ी में पहली बार शुरू हुई ईसीटी थेरेपी की सुविधा*
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जिला अस्पताल बौराड़ी पहुंचकर ईसीटी (इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी) मशीन का निरीक्षण किया। उन्होंने मशीन की कार्यप्रणाली एवं मरीजों के उपचार में इसकी उपयोगिता की जानकारी ली तथा ईसीटी थेरेपी की उपचार सुविधा का शुभारंभ किया। यह प्रदेश में प्रथम अवसर है जब किसी जिला अस्पताल स्तर पर ईसीटी मशीन की सुविधा उपलब्ध हुई है। अब तक इस प्रकार की सुविधा मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेजों एवं बड़े अस्पतालों में ही उपलब्ध रही है। जिला अस्पताल बौराड़ी में यह सुविधा शुरू होने से गंभीर मानसिक रोगियों को उपचार के लिए देहरादून अथवा अन्य बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।

इस दौरान मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज ने जिलाधिकारी को ईसीटी मशीन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह गंभीर मानसिक रोगों के उपचार की प्रमाणित एवं प्रभावी पद्धति है। इसका उपयोग गंभीर डिप्रेशन, स्किजोफ्रेनिया, कैटाटोनिया सहित मानसिक रोगों के कुछ मामलों में किया जाता है। विशेष रूप से ऐसे मरीजों के उपचार में यह पद्धति उपयोगी है, जिनमें दवाओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता अथवा तत्काल प्रभावी उपचार की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि ईसीटी मशीन के माध्यम से चिकित्सकीय मानकों के अनुसार नियंत्रित विद्युत उत्तेजना दी जाती है, जिससे मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि में नियंत्रित परिवर्तन उत्पन्न होता है। यह प्रक्रिया चिकित्सकीय विशेषज्ञों की निगरानी में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार की जाती है। उपचार के बाद मरीज की स्थिति की निगरानी की जाती है तथा चिकित्सक द्वारा आवश्यकतानुसार आगे का उपचार निर्धारित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल बौराड़ी में ईसीटी थेरेपी की सुविधा शुरू होना जनपद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जनपद में जिला अस्पताल स्तर पर इस आधुनिक उपचार सुविधा की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ ही अन्य जनपदों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि गंभीर मानसिक रोगियों को समय पर उपचार उपलब्ध होने से उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की झिझक या नकारात्मक सोच नहीं होनी चाहिए। मानसिक रोग भी अन्य बीमारियों की तरह उपचार योग्य हैं। उन्होंने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर बिना संकोच विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशे की लत से प्रभावित लोगों की काउंसलिंग एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार में भी मनोरोग विशेषज्ञों की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने ईसीटी सुविधा शुरू करने के लिए जिला अस्पताल की चिकित्सा एवं मनोरोग विशेषज्ञ टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ अस्पताल में संचालित विभिन्न ओपीडी एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
सीएमएस डॉ. बृजेश डोभाल ने बताया कि ओएनजीसी के सीएसआर मद से उपलब्ध कराई गई ऑपरेशन थियेटर की एडवांस टेबल प्राप्त होने के बाद ईसीटी थेरेपी की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही ओएनजीसी से उपलब्ध कराए गए अन्य उपकरणों का भी अस्पताल में बेहतर ढंग से उपयोग किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।
