आज गीता आश्रम में ट्रस्ट के संस्थापक एवं आश्रम के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मलीन योगीराज महामंडलेश्वर स्वामी शान्तानंद सरस्वती का 25 वां पुण्यतिथि कार्यक्रम श्रद्धा भक्तिपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में प्रातः कालीन गीता पाठ हवन भजन कीर्तन आदि संपन्न हुए। इसके पश्चात श्रद्धांजलि कार्यक्रम सर्वात्मा धाम के महंत स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती की अध्यक्षता में वक्ताओं में पूज्य स्वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती मैं अपने भाषण में कहा कि संतों का जीवन पर मार्थ के लिए होता है संत अपने संकल्पों से अनेक कार्यों को करते हैं और अपने आध्यात्मिक जीवन से समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं स्वामी शांतानंद जी ने अपने गुरुदेव आश्रम संस्थापक स्वामी वेद व्यासानंद जी की बहुत सेवा की और उनकी सेवा उनकी कार्यशैली को देखते हुए उन्होंने अपना उत्तराधिकारी बनाया। स्वामी जी ने देश-विदेश में भारतीय संस्कृति योग का प्रचार प्रसार किया और अपने जीवन काल में ही अपने गुरुदेव के नाम से ट्रस्ट बनाकर एवं आश्रम में गुरु की स्मृति में समाधि मंदिर का निर्माण किया स्वामी जी बहुत ही सरल व्यवहारिक जीवन में प्रेरणादाई रहे आज उनके संकल्पना को ट्रस्ट के माध्यम से पूरा किया जा रहा है उन्हें यही सच्ची श्रद्धांजलि है कि उनके द्वारा संकल्पित कार्यों को उनके सेवक एवं अनुयाई पूरा करते रहे और उनके बताए मार्ग का अनुसरण होता रहे।
ट्रस्ट अध्यक्ष डॉक्टर दीपक गुप्ता में अवसर पर कहा कि पूज्य स्वामी जी गुरुदेव के प्रिय शिष्य थे और निरंतर उनकी सेवा में पूर्ण रूप से समर्पित रहे और अपने गुरु की आज्ञा अनुसार उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा उन्होंने गीता के संदेश अपने जीवन में उतारा गीता हमें ज्ञान भक्ति कम उपासना और भगवत दर्शन का साक्षात्कार कराती है हमें गीता के उपदेशों से प्रेरणा लेनी चाहिए यही पूज्य स्वामी जी को श्रद्धांजलि होगी ट्रस्ट के माध्यम से उनके द्वारा संकल्पित कार्यों को पूर्ण किया जा रहा है। चंद्र मित्र शुक्ला कृष्णा धार मिश्र त्रिभुवन उपाध्याय राजीव रंजन प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज आईडीपी एल श्रीमती शकुंतला राजपूत आदि महानुभावों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की कार्यक्रम का संचालन भानु मित्र शर्मा ने किया। उपस्थित महानुभावों में श्रीमती प्रमिला शाह सुलोचना लखानी गीता चैतन्य लक्ष्मण पुंडीर भगतराम कोमल शर्मा शशि गुप्ता पंडित उदय राम नीरज शास्त्री अनेक संत महात्मा अश्विनी शर्मा आरती शर्मा आदि भक्तगण उपस्थित थे कार्यक्रम के उपरांत साधु संतों का विशाल भंडारा कार्यक्रम संपन्न हुआ।
