बीएचईएल में “सिंक्रोनस कंडेंसर प्रौद्योगिकी” पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
हरिद्वार। बीएचईएल हरिद्वार स्थित मानव संसाधन विकास केंद्र (एचआरडीसी) में “सिंक्रोनस कंडेंसर प्रौद्योगिकी” पर 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक श्री रंजन कुमार ने, महाप्रबंधक (ईएम) श्री नरेंद्र सिंह राणा तथा महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संतोष कुमार गुप्ता की उपस्थिति में, दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । बीएचईएल हरिद्वार तथा कार्पोरेट (आरएंडडी) हैदराबाद के संयोजन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में टीबीजी, पीईएम सहित बीएचईएल की विभिन्न इकाइयों से लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री रंजन कुमार ने कहा कि भविष्य में सोलर एनर्जी इंटीग्रेशन से ग्रिड को स्थिर रखने के लिए, सिंक्रोनस कंडेंसर की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और बीएचईएल के लिए यह व्यापार के नए अवसर प्रदान करेगा । उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तकनीक के बढ़ते प्रयोग का पूर्वानुमान करते हुए बीएचईएल, थर्मल सेक्टर की तरह सिंक्रोनस कंडेंसर के बाजार में भी अपनी पहचान बना रहा है ।
श्री नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यह तकनीक वोल्टेज नियंत्रण, रिएक्टिव पावर सपोर्ट, शॉर्ट-सर्किट क्षमता बढ़ाने तथा ग्रिड की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । श्री संतोष कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण के दौरान, विषय विशेषज्ञों से अधिकतम मार्गदर्शन प्राप्त करें।
इस प्रशिक्षण में, सिंक्रोनस कंडेंसर की डिजाइन, प्रौद्योगिकी, अनुप्रयोग, ग्रिड एकीकरण, निर्माण, परीक्षण तथा भविष्य की व्यावसायिक संभावनाओं जैसे विभिन्न तकनीकी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा । कार्यक्रम में सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, ट्राँसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड, सेंट्रल ट्राँसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड तथा एनटीपीसी के साथ ही बीएचईएल के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया ।
इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक डॉ. प्रताप चंद्र बेहेरा, श्रीमती आशा गुप्ता तथा श्री हरीश सिंह बगवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
