*कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने किया रामनगर नगर पालिका का औचक निरीक्षण*
*ईओ की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अधिकारी का वेतन रोकने के दिए निर्देश*

*स्टोर कीपर नहीं दिखा पाए विभिन्न सामानों के वितरण का रिकॉर्ड*
*पशु बाजार में कई अनियमितताएं मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश*
*मंडलायुक्त ने विभिन्न अनियमितताओं की जाँच कराने के जिलाधिकारी को दिए निर्देश*
*लेबर इंस्पेक्टर को दिए सफाई ठेकेदार का चालान काटने के निर्देश*
कुमाऊँ मंडलायुक्त दीपक रावत ने सोमवार को नगर पालिका परिषद रामनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका की व्यवस्थाओं, सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव तथा पशु बाजार में कई अनियमितताएं सामने आने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के साथ ही अनियमितताओं की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर पालिका के सामने फुटपाथ पर बिना सत्यापन एवं अनुमति के दुकान संचालित होने तथा अतिक्रमण की स्थिति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों एवं फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत अतिक्रमण न होने दिया जाए तथा संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान रोड क्लीनिंग मशीन बंद पाए जाने पर भी मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में उपयोग होने वाली मशीनों एवं अन्य संसाधनों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा इनकी प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कचरे की माप-तौल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कांटे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी की जाए। निरीक्षण के दौरान प्लास्टिक एवं अन्य मूल्यवान कचरे से संबंधित माह अगस्त की रसीदें ठेकेदार एवं पालिका कर्मियों द्वारा प्रस्तुत नहीं की जा सकीं। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अभिलेखों की जाँच कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कूड़ा निस्तारण के संबंध में ठेकेदार द्वारा दी जा रही जानकारी का सत्यापन किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कूड़ा एवं माल ट्रीटमेंट के लिए कहाँ भेजा जा रहा है। इसकी नियमित मॉनिटरिंग एवं रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित किया जाए।
सफाई कर्मियों के रहने के लिए समुचित व्यवस्था न होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लेबर इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर सफाई ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जब तक सफाई कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अधिशासी अधिकारी का वेतन रोका जाए। उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टोर से वितरित सामान का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए स्टोर कीपर
निरीक्षण के दौरान स्टोर का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने विभिन्न सामानों के वितरण से संबंधित अभिलेख मांगे। स्टोर कीपर द्वारा विभिन्न सामानों के वितरण का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्टॉक एवं वितरण से संबंधित समस्त अभिलेखों की जाँच कराने तथा रिकॉर्ड को अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी सामग्री के स्टॉक, वितरण एवं उपयोग का पूरा विवरण अभिलेखों में दर्ज होना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
*पशु बाजार में मानकों के विपरीत पशुओं के परिवहन पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश*
मंडलायुक्त ने पशु बाजार का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पिकअप संख्या UK-19-CA-1719 में निर्धारित मानकों के विपरीत एक के स्थान पर तीन पशुओं का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था तथा आवश्यक अनुमति के बिना पशुओं का परिवहन किया जाना भी पाया गया।
मंडलायुक्त ने इन मामलों में संबंधित प्रावधानों एवं Animal Cruelty Act के तहत नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश प्रभारी अधिशासी अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के परिवहन में निर्धारित मानकों एवं नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
पशु बाजार के ठेकेदार गिरीश चंद्र पंत द्वारा खरीद-फरोख्त का रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा अपने स्टाफ के नाम एवं संपर्क नंबर भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। प्रथम दृष्टया पशु बाजार में कई अनियमितताएं सामने आने पर मंडलायुक्त ने नगर पालिका के अधिकारियों को तत्काल नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने पशु बाजार की व्यवस्थाओं में सुधार होने तक 19 सितम्बर से पशु बाजार बंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशु बाजार में पशुओं के स्वास्थ्य, परिवहन, खरीद-फरोख्त के अभिलेखों तथा अन्य निर्धारित व्यवस्थाओं का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
मंडलायुक्त ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका की सभी व्यवस्थाओं की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विभिन्न अनियमितताओं की विस्तृत जाँच कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए तथा कहा कि जाँच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, कर एवम् राजस्व अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
